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Punjab Assembly Elections: पंजाब कांग्रेस में नहीं थम रही कलह, अब विधायक सुरजीत धीमान बोले- 'कैप्टन के नेतृत्व में नहीं लड़ूंगा चुनाव'

नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव (punjab assembly election 2022) से ठीक पहले पार्टी में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब के चार मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (captain amrinder singh) पर अविश्वास प्रकट करने के बाद अब अमरगढ़ के विधायक सुरजीत धीमान (congress mla surjit dhiman) ने पंजाब सीएम के खिलाफ अपने बगाबती तेवर दिखा दिए हैं। धीमन ने कहा कि वे सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह (punjab amrinder singh) के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh siddhu) को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की मांग की है।

कैप्टन के नेतृत्व में नहीं लड़ूंगा चुनाव

धीमान (surjit dhiman) का कहना है कि 'कैप्टन अमरिंदर सिंह (captain amrinder singh) हमारे मुख्यमंत्री है, लेकिन 2022 में अगर चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।'' हालांकि इसके पीछे का कारण का उन्होंने खुलासा नहीं किया। धीमान इसे अपना व्यक्तिगत फैसला बता रहे हैं। बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब धीमान (congress mla surjit dhiman) ने सिद्धू का समर्थन किया हो। धीमान सिद्धू के हक में हमेशा ही खड़े नजर आते हैं।

2017 में भी किया था कैप्टन का विरोध

गौरतलब है कि धीमान ने 2017 में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह (captain amrinder singh) की मुसीबतें तब बढ़ा दी थी, जब 31 जुलाई को उन्होंने एक समारोह में कहा था कि ड्रग्स की सप्लाई अभी भी वैसे ही जारी है जैसा अकाली सरकार में होती थी। यह वह समय था जब मुख्यमंत्री ने ड्रग्स को खत्म करने के लिए एसआइटी का गठन किया था और हरप्रीत सिद्धू को इसकी कमान सौंपी थी। धीमान के इस बयान से सरकार की खासी किरकिरी हुई थी।

यह भी पढ़ें: चुनाव से पहले अकाली दल में बगावत, पार्टी प्रत्याशी के विरोध में ही खोल दिया मोर्चा

बता दें कि पार्टी प्रभारी हरीश रावत (harish rawat) के पंजाब दौरे के बाद पार्टी में सब ठीक होने की उम्मीदें थीं। इससे पहले पिछले माह कांग्रेस के चार मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी और विधायक परगट सिंह ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रकट किया था। इन मंत्रियों ने पार्टी हाईकमान से कैप्टन को सीएम पद से हटाने की मांग भी की थी। इसके बाद पार्टी आलाकमान ने हरीश रावत को पार्टी में बगावत को शांत करने के लिए भेजा था।



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