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Delhi: सिद्धू की ताजपोशी के बाद पहली बार सोनिया से मिलेंगे कैप्टन, बड़े बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली। पंजाब ( Punjab ) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस ( Congress ) में उठा पटक की तैयारी चल रही है। दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjot Singh Sidhu ) को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद भी ये माना जा रहा है कि सीएम अमरिंदर सिंह ( Amrinder Singh ) और सिद्धू के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। सिद्धू की ताजपोशी के बाद एक बार फिर कैप्टन ने दिल्ली दरबार का रुख किया है।

मंगलवार को कैप्टन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि एक बार फिर कैप्टन अपनी पावर बढ़ाने के लिए सोनिया को मनाने की कोशिश करेंगे। वहीं इसको लेकर सिद्धू खेमे के रुख पर भी सबकी नजरें रहेंगी।

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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बहुप्रतीक्षित कैबिनेट रिशफल से पहले एक बार फिर दिल्ली दरबार पहुंच रहे हैं। वे यहां सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। माना जा रहा है कि सिद्धू की ताजपोशी के बाद भी प्रदेश कांग्रेस में कलह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कैप्टन और सोनिया की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है।

इस बैठक में कैबिनेट फेरबदल को लेकर अहम चर्चा होगी। ऐसे में कैप्टन की कोशिश होगी की कैबिनेट में एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए अपने करीबियों को जगह दिलवाएं।

हालांकि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने 31 जुलाई को तत्काल कैबिनेट फेरबदल की संभावना से इनकार किया था। जाहिर है सिद्धू से तनाव के बीच कैप्टन के लिए अपने स्तर पर कैबिनेट फेरबदल इतना आसान नहीं होगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दोनों ने एक टीम के रूप में एक साथ काम करने के बारे में सार्वजनिक बयान दिए हैं, लेकिन सिद्धू के तेवर बयानों के विपरीत है।

प्रदेक्ष अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद भी सिद्धू के तेवर नरम नहीं हुए हैं। अपनी ही सरकार को वह लगातार सवालों के घेरे में डाल रहे हैं।

सिद्धू ने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया और अन्य के खिलाफ निष्क्रियता को लेकर अपनी सरकार को घेरा।

सिद्धू ने बताया कांग्रेस का 18 सूत्रीय एजेंडा
सिद्धू ने कहा, 'नशीले पदार्थों के कारोबार के दोषियों को सजा देना कांग्रेस की 18 सूत्री एजेंडा के तहत प्राथमिकता है। मजीठिया पर क्या कार्रवाई की गई है? अगर और देरी हुई तो हम पंजाब विधानसभा में रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए एक प्रस्ताव लाएंगे।

सिद्धू ने सीएम का नाम लिए बगैर नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए सरकार के कामों पर सवालए उठाए।

कैप्टन ने भी दिया जवाब
कांग्रेस के 18 सूत्री एजेंडे वाले सिद्धू के बयान के बाद कैप्टन की भी प्रतिक्रिया सामने आई थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार पहले ही कांग्रेस के 18 सूत्रीय एजेंडा को लागू कर चुकी है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या और बिजली खरीद समझौतों से जुड़े मामले शामिल हैं।

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अमित शाह से भी हो सकती है मुलाकात
दिल्ली दौरे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं। दरअसल पाकिस्तान की ओर से पंजाब के अमृतसर में ड्रोन के जरिए फेंके गए टिफिन बम के बाद सिक्योरिटी एजेंसिया हाई अलर्ट पर हैं। इस दौरान वे प्रदेश के सुरक्षा हालातों के बारे में शाह के अपडेट करेंगे और आगे की रणनीति पर भी बात हो सकती है।



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