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अफगानिस्तान संकट पर बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, 'अस्थिर पड़ोस के हालात बताती है CAA क्यों जरूरी'

नई दिल्ली। अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान के कब्जे के बाद से वहां के ताजा हालात को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। ऐसे में एक पड़ोसी होने के नाते भारत को और भी अधिक चिंता है, क्योंकि अफगानिस्तान के खराब होते हालात का असर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भारत पर पड़ रहा है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी (Union Minister Hardeep Puri) ने अफगानिस्तान में उपजे संकट को लेकर विपक्ष पर कटाक्ष करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि पड़ोसी देश के हालात को देखकर अब ये समझ में आ जाना चाहिए कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) क्यों जरूरी है।

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हरदीप पुरी ने अफगान संकट से जुड़ी एक खबर को ट्विटर पर साझा करते हुए कहा कि अस्थिर पड़ोसी की जो ताजा स्थिति है वह बता रही है कि CAA इतना जरूरी क्यों है। मालूम हो कि भारत में CAA को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला था और धार्मिक भवाना के तहत मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया था कि सीएए से किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं जाएगी, क्योंकि CAA भारत के नागरिकों के लिए नहीं बल्कि पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख) को भारतीय नागरिकता देने का कानून है।

क्या है CAA?

आपको बता दें कि भारत सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन करते हुए एक नया कानून बनाया है। नागिरकता संशोधन कानून (CAA) में मोदी सरकार ने पड़ोसी देश बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के छह अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख) के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है।

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मालूम हो कि Citizenship (Amendment) Act, 2019 को संसद में पास किया जा चुका है, लेकिन दिसंबर 2019 के बाद से इसे लागू नहीं किया गया है। इस नए कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल भारत में रहना अनिवार्य है, पर पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए समयसीमा घटाकर छह साल किया गया है।



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