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पंजाब सीएम अमरिंदर और सिद्धू के बीच मिटी दूरियां, सरकार और पार्टी में तालमेल के लिए बनाई 10 सदस्यीय समिति

नई दिल्ली। पंजाब ( Punjab ) के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ( Amrinder Singh ) और राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ( Navjot Singh Sidhu ) के बीच दूरियां खत्म होती नजर आ रही हैं। कांग्रेस के दोनों दिग्गज नेताओं ने शुक्रवार को पार्टी और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने और विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए 10 सदस्यीय 'रणनीतिक नीति समूह' स्थापित करने का निर्णय लिया है।

इस समूह का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे और इसमें स्थानीय सरकार के मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और सामाजिक सुरक्षा मंत्री अरुणा चौधरी शामिल होंगे। सिद्धू और पार्टी के चार कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा, सुखविंदर सिंह डैनी, संगत सिंह गिलजियान और पवन गोयल के साथ-साथ पार्टी महासचिव परगट सिंह भी सदस्य होंगे।

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पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस किसी भी तरह के मतभेद और तनाव जैसी हालात नहीं चाहती है। लिहाजा अब नेताओं में बड़ी दूरियां खत्म होती नजर आ रही हैं। कैप्टन अमरिंदर और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को मुलाकात की। इस दौरान नागरा और परगट सिंह भी मौजूद थे।

पार्टी-सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करने के कदमों पर चर्चा की गई और 10 सदस्यीय रणनीतिक नीति समूह बनाने पर भी सहमति बनी।

ये ग्रुप जरूरत के मुताबिक अन्य मंत्रियों, विशेषज्ञों के परामर्श से साप्ताहिक बैठकें करेगा। यह पहले से ही कार्यान्वयन के तहत राज्य सरकार की विभिन्न पहलों की प्रगति पर चर्चा और समीक्षा भी करेगा। इसके साथ ही इसे गति देने के लिए महत्वपूर्ण उपायों का सुझाव भी देगा।

सीएम ने लिया एक और बड़ा फैसला
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कैप्टन ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को पंजाब कांग्रेस भवन में हर दिन, बारी-बारी से, विधायकों और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों से मिलने और उनके निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने या किसी भी शिकायत को दूर करने का काम सौंपा है।

हर मंत्री सोमवार से तीन घंटे ( सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक) के लिए कांग्रेस भवन में रहेंगे। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था सप्ताह में पांच दिन सोमवार से शुक्रवार तक की जाएगी। इससे आगामी चुनाव में पार्टी और सरकार के बीच तालमेल में मदद मिलेगी।

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राजस्थान में अब भी खींचतान
आगामी चुनाव को देखते हुए ही सही पंजाब कांग्रेस के नेता विवादों को पीछे छोड़ जहां आगे बढ़ रहे हैं, वहीं राजस्थान में अब कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां स्थानीय नेताओं के बीच खींचतान लगातार बढ़ रही है।

हालांकि कांग्रेस महासचिव अजय माकन का कहना है कि समाधान निकालने पर काम चल रहा है। जल्द ही फैसला हो जाएगा। सभी गुटों के संपर्क में हैं. जातीय, क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखना है।



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