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फडणवीस के बयान से महाराष्ट्र में बढ़ी सियासी हलचल, बीजेपी की दुश्म नहीं शिवेसना

नई दिल्ली। महाराष्ट्र ( Maharashtra ) की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ रही है। इस हलचल के बढ़ने की वजह है पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी ( BJP ) नेता देवेंद्र फडणवीस ( Devendra Fadanvis ) का बयान। दरअसल फडणवीस ने शिवसेना ( Shivsena ) से गठबंधन को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना बीजेपी की दुश्मन नहीं है। हालांकि कुछ मुद्दों पर हम दोनों के बीच मतभेद जरूर हैं।

दरअसल पिछले कुछ समय से लगातार शिवसेना और बीजेपी के बीच नजदीकियों की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे वक्त में फडणवीस का ये बयान महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

यह भी पढ़ेंः शिवसेना-भाजपा नेताओं की मुलाकात का है कोई मतलब या.. संजय राउत ने दिया जवाब

महाराष्ट्र में भले ही सरकार महा विकास अघाड़ी की चल रही हो, लेकिन पिछले कुछ समय से चर्चाएं तो बीजेपी और शिवसेना को लेकर ही चल रही हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दो पुराने साथी फिर एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। अब ये अटकलें भी इसलिए जोर पकड़ रही हैं कि क्योंकि पिछले कुछ महीनों में कई बार बड़े नेताओं द्वारा इस तरफ इशारा किया गया है।

ताजा बयान महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का सामने आया है। उन्होंने इस ओर इशारा किया है कि दोनों दलों के बीच दुश्मनी नहीं है।

जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या बीजेपी और शिवसेना फिर साथ आ सकते हैं, क्या फिर कोई गठबंधन की उम्मीद हो सकती है, जवाब में फडणवीस कह गए कि वे शिवसेना के दुश्मन नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि, राजनीति में किंतु-परंतु के लिए कोई जगह नहीं होती। हमारे शिवसेना से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वो हमारी दुश्मन नहीं है।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना ने हमारे साथ 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ा। लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्‍होंने उन्‍हीं लोगों राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस से हाथ मिला लिया, जिनके खिलाफ हमने चुनाव लड़ा था।

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उद्धव और राउत भी दे चुके बयान
ये पहली बार नहीं है जब बीजेपी और शिवसेना के रिश्तों को लेकर कोई बयान सामने आया है। इससे पहले भी दोनों दलों की ओर से कोशिशें की गई हैं।

पीएम से मुलाकात के बाद ये बोले थे उद्धव
कुछ समय पहले सीएम उद्धव ठाकरे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद उद्धव ने कहा था कि बीजेपी के साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद जरूर है लेकिन मनभेद नहीं है। बीजेपी-शिवसेना के बीच दुश्मनी नहीं है।

वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत भी हाल में प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने बीजेपी की सफलता का क्रेडिट भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।

ऐसे में यूं तारीफ करने वाले बयान देना, सीएम की पीएम से मुलाकात होना और अब फडणवीस का ये कहना कि शिवसेना उनकी दुश्मन नहीं, कई तरह के राजनीतिक संदेश दे रहा है।

अब फडणवीस का ये कहना ही दिखाता है कि शिवसेना और बीजेपी के बीच जो विधानसभा चुनाव के बाद तकरार बढ़ गई थी, अब वो कम होती दिख रही है।

महा विकास अघाड़ी के लिए चुनौती
शिवसेना और बीजेपी की ओर से लगातार आ रहे इस तरह के बयानों से जाहिर दोनों दल करीब आ सकते हैं। लेकिन इस तरह के बयानों से महा विकास अघाड़ी के लिए नई चुनौती भी खड़ी हो सकती है।

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शरद पवार भी हुए सक्रिय
बीजेपी-शिवसेना की नजदीकियों की खबरों के बीच एनसीपी चीफ शरद पवार भी कुछ समय से सक्रिय नजर आ रहे हैं। पवार भी लगातार दूसरे दल के नेताओं संग अहम बैठकें कर रहे हैं। हालांकि इन बैठकों को लेकर खुल कर कुछ भी सामने नहीं आया, लेकिन कहीं ना कहीं बीजेपी-शिवसेना की नजदीकी भी वजह हो सकती है।

कांग्रेस ने भी दिए संकेत
मह विकास अघाड़ी की सरकार पांच चलने के भले ही दावे किए जा रहे हों, लेकिन कांग्रेस ने भी बीजेपी-शिवेसना की नजदीकी नजर अंदाज नहीं किया है। कुछ दिन पहले कांग्रेस की ओर से भी बड़ा बयान सामने आया था।
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने भी अकेले चुनाव लड़ने का दम भरा था। कांग्रेस का ये बयान भी कई इशारे कर रहा है, कि महा विकास अघाड़ी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

ऐसे में महाराष्ट्र की राजनीति में अनिश्चितताओं का खेल जारी है जहां पर कब क्या हो जाए, ये बता पाना मुश्किल साबित हो रहा है। बता दें कि महाराष्‍ट्र में सोमवार से दो दिनी मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र से पहले फडणवीस के बयान ने सियासी समीकरणों को लेकर सुगबुगाहट बढ़ा दी है।



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