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कांग्रेस में कलह: पंजाब में अमरिंदर बनाम सिद्धू के बाद हरियाणा में हुड्डा और शैलजा के बीच शुरू हुआ घमासान, दिल्ली पहुंचे 23 विधायक

नई दिल्ली।

कांग्रेस पार्टी में मची रार एक के बाद एक तमाम राज्यों में खुलकर सामने आ रही है। राजस्थान, पंजाब, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद अब हरियाणा में भी पार्टी नेताओं के बीच चल रही कलह खुलकर सतह पर आ गई है। हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राज्य में पार्टी की अध्यक्ष कुमारी शैलजा के बीच घमासान मचा हुआ है।

हरियाणा में हुुड्डा बनाम शैलजा के बीच शुरू हुए विवाद के बाद कांग्रेसी विधायकों का एक गुट कुमारी शैलजा को हटाकर हुड्डा परिवार से जुड़े किसी सदस्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा है। विधायकों की मांग है कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा या फिर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राज्य में पार्टी की कमान सौंपी जाए। इसी कड़ी में हुड्डा गुट के 23 विधायकों ने पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से दिल्ली में मुलाकात की।

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हुड्डा गुट से जुड़े ये विधायक कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर हुड्डा परिवार के किसी सदस्य को यह पद देने की मांग रहे हैं। इससे पहले, इन विधायकों ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल से मुलाकात की थी। अब वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद यह बात तय है कि हुड्डा गुट के ये विधायक इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।

हुड्डा गुट से जुड़े एक विधायक बी.बी. बतरा के मुताबिक, राज्य में सबसे बड़े नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं। नेतृत्व को उनको साथ लेकर ही चलना चाहिए। दीपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि दीपेंद्र हर भूमिका में फिट बैठते हैं। वत्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि फैसला पार्टी आलाकमान को करना है, लेकिन हरियाणा में हुड्डा परिवार की अनदेखी कर कांग्रेस आगे नहीं बढ़ सकती।

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हरियाणा की राजनीति में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा के बीच गहरे मतभेद हैं। इस समय विवाद इसलिए बढ़ गया है, क्योंकि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस में और जिला स्तर पर बदलाव होना है। हुड्डा परिवार प्रदेश अध्यक्ष का पद अपने पास रखकर संगठन में अपना वर्चस्व कायम रखना चाहता है। हुड्डा गुट का दावा है कि उनके साथ राज्य में 30 विधायक हैं।



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