Crude Oil Price: भारत में महंगा हो सकता है पेट्रोल और डीजल, ओपेक ने दिए संकेत

नई दिल्ली। भारत में आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा देखने को मिल सकता हैै। इसका कारण है क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी। वास्तव में अमरीका में कच्चे तेल के भंडार में बीते सप्ताह आई गिरावट से तेल की कीमतों में बुधवार को जोदार तेजी आई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 66 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया। वहीं दूसरी ओर घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी कच्चे तेल में चार फीसदी से ज्यादा का उछाल आया। आइए आपको भी बताते हैं कि ओपेक और आईईए की ओर से किस तरह का अनुमान लगाया गया है।

अमरीकी ऑयल भंडार में कमी
एनर्जी इन्फोरमेशन एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका में 9अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में कच्चे तेल के भंडार में 59 लाख बैरल की कमी आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑयल डिमांड में इजाफा देखने को मिल सकता है। जिसकी वजह से कीमत में और ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है। विदेशी मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मई के महीने से ओपेक प्लस और यूएस प्रोडक्शन में इजाफा कर सकता है। वहीं दूसरी ओर ईरान की ओर से सप्लाई बढ़ सकती है। ईरान पर से हाल ही में अमरीका की ओर से सभी तरह के प्रतिबंध हटा दिए हैं।

यह भी पढ़ेंः- Infosys Share Buyback: एक शेयर पर मिलेगा 350 रुपए मुनाफा कमाने का मौका

कोरोना का भी है डर
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 महामारी से वैश्विक सुधार असमान दिख रहा है। अमरीकी और चीन फ्यूल कंजपशन की दर ज्यादा देखने को मिल रही है। दूसरी ओर भारत में रिकॉर्ड वायरस के मामलों और टीकों की कमी के बीच आंशिक लॉकडाउन देखने को मिल रहा है। दक्षिण कोरिया और जापान में भी संक्रमण ज्यादा दिखाई दे रहा है। ऐसे में ऑयल प्रोडक्शन और डिमांड दोनों में थोड़ा असर देखने को मिल सकता है।

यह भी पढ़ेंः- Petrol Diesel Price Today : दो हफ्तों के बाद पेट्रोल और डीजल हुआ सस्ता, जानिए आज के दाम

आज कितनी है कीमत
मौजूदा समय में अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड के जून डिलीवरी अनुबंध 66.61 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। जबकि बुधवार को 5 फीसदी की तेजी के साथ 66.27 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था। जबकि न्यूयॉर्क मर्केटाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर डब्ल्यूटीआई के मई डिलीवरी अनुबंध 63.10 डॉलर प्रति बैरल पर था। जबकि कल 4.37 फीसदी की तेजी के साथ 62.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

भारत पर क्या होगा असर
अगर भारत पर असर की बात करें तो क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा होने से पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। भारत पेट्रोल और डीजल के लिए जरुरत का 80 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करता है। भारत के कुल इंपोर्ट बिल का अधिकतम भाग क्रूड ऑयल का ही होता है। जब भी क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा होता है तो उसका असर भारत के पेट्रोल और डीजल की कीमत में पर देखने को मिलता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3afyGIW
via IFTTT

No comments:

Powered by Blogger.