कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच क्या आज आरबीआई देगा ईएमआई में राहत

नई दिल्ली। देश तमाम मिडिल क्लास कैटेगिरी के लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया उन्हें उनकी ईएमआई में राहत देंगे या नहीं। यह सवाल बीते कुछ दिनों से ज्यादा ही सामने आ रहा है। कारण है कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का एक दिन का आंकड़ा एक लाख पार कर जाना। बीतमे कुछ दिनों से यही देखने को मिल रहा है। जिसकी वजह से आम लोगों के मन में एक बात घर कर गई है कि आने वाले दिनों या विधानसभा चुनाव के समाप्त होने के बाद देश में एक बार फिर से लॉकडाउन ना लग जाए। आपको बता दें कि आरबीआई रेपो रेट की घोषणा करता है। रेपो रेट में कटौती आम लोगों की ईएमआई में राहत को दर्शाता है तो बढ़ोतरी ईएमआई में बढ़ोतरी को।

महंगाई के कारण नहीं हुआ था बदलाव
इससे पहले कई एमपीसी की बैठकों में रेपो रेट में बदलाव की कोई घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले 5 फरवरी को हुई बैठक में भी रेपो रेट में कटौती के फैसले को महंगाई की चिंताओं का जिक्र करते हुए आरबीआई ने इसे टाल दिया था। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा महंगाई को 4 फीसदी के दायरे में रखने को कहा है। जिसकी वजह से रेपो दरों में किसी तरह की छेडख़ानी नहीं की जा रही है।

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14 महीनों में कितनी हो चुकी है कटौती
अगर बात बीते 14 महीनों की करें तो 2020 के शुरुआती कोरोना काल में रेपो दरों में भारी कटौती देखने को मिली थी। फरवरी 2020 के बाद से देश में रेपो रेट में अब तक 1.15 फीसदी की कटौती की जा चुकी है। जिसकी वजह से मौजूदा समय में रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.5 फीसदी पर आ चुकी है। जानकारों की मानें तो कोरोना मामले फिर से बढऩे के चलते देश भर में लग रहे प्रतिबंधों से औद्योगिक उत्पादन की बढ़ती रफ्तार पर एक बार फिर से सुस्ती छा सकती है। ऐसे में दरों में बदलाव करने से पहले रिजर्व बैंक हालात पर कुछ दिनों तक और नजर बनाए रखेगा ताकि बदलाव का व्यापक असर हो सके।



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