कोरोना काल के बढ़ते प्रकोप के बीच खाने का तेल, फल और दालें हुई महंगी, और बिगड़ सकता है बजट

नई दिल्ली। अनाज, दाल, सब्जी, फल, समेत खाने-पीने की तमाम चीजों के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी से आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खाद्य तेल आयात महंगा होने और देश में डीजल के दाम में इजाफा होने से तमाम खाद्य सामग्री ऊंचे भाव बिकने लगी है। उधर, देश में कोरोना का कहर दोबारा बरपने से संकट और विकट बनता जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में फलों और सब्जियों के दाम में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

खाने के तेल की कीमत में इजाफा

खाने का तेल अप्रैल 2020 में दाम अप्रैल 2021 में दाम
सरसो का तेल 100 140
पाम ऑयल 80 132
सुरजमुखी ऑयल 100 165
मूंगफली का तेल 120 160
सोया ऑयल 95 145


खाने के तेल में तेजी जारी

सबके खाने के तेल में मानो आग लग गई है। देश के सबसे बड़े वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर क्रूड पाम तेल का भाव बीते एक साल में 74 फीसदी बढ़ा है। ऑयल कांप्लेक्स में सबसे सस्ता माना जाने वाला पाम तेल इस समय सोया तेल से भी महंगा हो गया है। सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआईटी) के संरक्षक लक्ष्मीचंद अग्रवाल के अनुसार खाद्य तेल के आयात पर शुल्क नहीं घटाए जाने की सूरत में सरसों तेल भी 200 रुपए किलो बिकने लगेगा। खाद्य तेल ही नहीं, दाल के दाम में भी फिर बढ़ोतरी जारी है।

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दालों की कीमत में भी इजाफा
खाद्य तेल और दालों समेत आवश्यक वस्तुओं की महंगाई को लेकर केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव लीना नंदन ने कहा कि लगातार इसकी मॉनिटरिंग हो रही है और महंगाई को काबू करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में दालों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आयात के कोटे जारी किए गए हैं और खाद्य तेल का घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कोरोना काल के दौरान देश में खाद्यान्न समेत फलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ा है। खाद्यान्नों और बागवानी फसलों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर होने का अनुमान है। फिर भी खाने-पीने की चीजों का दाम बढऩे से आम गृहणियों का बजट बिगड़ गया।

तीन हफ्तों में फलों की कीमत में इजाफा

फलों के नाम 16 मार्च को कीमत 8 अप्रैल को कीमत
सेब 150-190 200-240
नारंगी 80 100
अंगूर 100-150 120-180
पपीता 40 60
अमरूद 130 150
अन्नास 100-120 150-180
आम 100 120


सब्जियां सस्ती तो फल हुए महंगे

सब्जियों की जहां तक बात है तो सर्दी का मौसम बीतने के बाद गर्मी के सीजन की सब्जियों की आवक जैसे-जैसे बढ़ रही है वैसे-वैसे कीमतों में गिरावट हो रही है, लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच मौसम में गरमाहट से फलों की मांग तो बढ़ गई है, लेकिन आवक बहुत कम है इसलिए फलों की महंगाई से राहत मिलने के आसार कम हैं। हालांकि दाल की महंगाई से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि दाल की मांग बढ़ गई है जबकि आयात में आ रही मुश्किलें अभी समाप्त नहीं हुई है। दलहन विशेषज्ञ बताते हैं कि सब्जियां जब महंगी होती हैं तो दाल की खपत बढ़ जाती है।



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