ऑक्सीजन के कारण दो महीने में इस कंपनी के शेयर में 157 फीसदी का इजाफा, जब सच सामने आया तो

नई दिल्ली। नाम से भी बड़े-बड़े धोखे हो जाते हैं। इसका एक उदाहरण हाल ही में देखने को मिला। जब एक एनबीएफसी कंपनी के शेयर में दो महीने में 157 फीसदी का उछाल देखने को मिला। शेयर में कंपनी के तिमाही आंकड़ों या बेहतर कमाई की वजह से नहीं बल्कि कंपनी के नाम में ऑक्सीजन की वजह से देखने को मिला। इस कंपनी का पूरा बांबे ऑक्सीजन इनवेस्टमेंट लिमिटेड है। जब इसकी सच्चाई का पता चला तो मंगलवार को कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वास्तव में लोगों ने इस कंपनी को ऑक्सीजन बनाने वाली कंपनी समझा जबकि यह एनबीएफसी कंपनी है। अब निवेशकों की ओर से कंपनी के शेयर में मुनाफावसूली शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ेंः- Petrol Diesel Price Today : कच्चा तेल हुआ सस्ता, लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम में बदलाव नहीं

52 हफ्तों की उंचाई से नीचे उतरा
जब मंगलवार को बाजार खुला तो कंपनी का शेयर तेजी के साथ 25000 रुपए पर खुला। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 25,500 रुपए के साथ 52 हफ्तों की उंचाई पर भी चला गया। जब निवेशकों की ओर से इस कंपनी की सच्चाई के बारे में जानकारी हुई तो मुनाफावसूली शुरू हो गई और 5 फीसदी का लोअर सर्किट के साथ बंद हो गया। बाजार बंद होने तक कंपनी का शेयर 1228.70 रुपए की गिरावट के साथ 23,346.15 रुपए पर आ गया।

157 फीसदी का इजाफा
कंपनी के शेयरों में 1 फरवरी से अब तक 157 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है। 1 फरवरी को बॉम्बे ऑक्सीजन इंवेस्टमेंट्स के एक शेयर की कीमत 9965 रुपये थी जो 20 अप्रैल को बढ़कर 25,500 रुपए हो गई। अगर बात सिर्फ अप्रैल की ही करें तो कंपनी के शेयरों में 120 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है। आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल को कंपनी के 1 शेयर की कीमत 11,255 रुपए थी जो 21 तारीख को कारोबारी सत्र 25500 रुपए पर पहुंच गया।

यह भी पढ़ेंः- Bajaj Pulsar NS125 हुई भारत में लांच, जानिए शानदार फीचर्स और कीमत

क्यों आई कंपनी के शेयर में तेजी
जानकारों की मानें तो कंपनी के शेयर में यह तेजी कंपनी के मजबूत फंडामेंटल, बैलेंसशीट या अर्निंग ग्रोथ की वजह से देखने को नहीं मिली है। जबकि उसके नाम में लगा ऑक्सीजन वर्ड के कारण आई है। कंपनी अगस्त 2019 तक इंडस्ट्रियल गैस सप्लाई करती थी, जो वह करीब 2 साल पहले छोड़ चुकी है। वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। वहीं कंपनी के नाम में ऑक्सीजन वर्ड लगा है, इस वजह से निवेशकों को लगा कि यह ऑक्सीजन का प्रोडक्शन करती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3sA7ScP
via IFTTT

No comments:

Powered by Blogger.