चीन को रोकने के लिए ब्रिटेन आया भारत अमेरिका के साथ

 

Boris Johnson

हिंद प्रशांत महासागर के क्षेत्र राजनीतिक रूप में काफी अहम रोल रखता है और यहां पर चीन लगातार अपना प्रभुत्व जमाने की कोशिश कर रहा है इसी को रोकने के लिए भारत और अमेरिका के साथ आप ब्रिटेन भी आ गया है इसके लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अप्रैल के आखिरी में भारत आएगे।

यूरोपीय ब्रिटेन के बाहर होने के बाद जॉनसन का यह पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा है पीएम के दौरे का ऐलान डाउनिंग स्ट्रीट ने किया जॉनसन इस साल भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि थे मगर ब्रिटेन में करोना वायरस के चलते उन का दौरा टाला गया था।

 ब्रिटेन सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों के लिए सरकार की विदेश नीति की एकीकृत समीक्षा के हिस्से के रूप में  हिंद-प्रशांत क्षेत्र की ओर अपना ध्यान केंद्रित करेगा सरकार के अनुसार यह क्षेत्र बड़े स्तर पर दुनिया के राजनीतिक केंद्र की अगुवाई करता है ब्रिटेन विदेश नीति के दस्तावेज में कहा गया है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र दुनिया का नया भू राजनीति केंद्र बनता जा रहा है विदेश मंत्री डोमिनिक रॉब ने कहा चीन को प्रभावित करने के लिए ब्रिटेन के प्रयास अब तक मामूली थे ऐसे में इस क्षेत्र में ब्रिटेन के अन्य देशों के साथ सहयोग करने से चीन के नियमों से खेलने का पर लगाम लगेगी उल्लेखनीय है कि पिछले महीने जॉनसन ने पीएम नरेंद्र मोदी को कॉल वन क्षेत्र में जून में होने वाले G7 सम्मेलन में शामिल होने का मंत्र दिया था ब्रिटेन ने इस सम्मेलन में भारत दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को अतिथि राष्ट्र के रूप में आमंत्रित किया था




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