छोटे पर्दे की बहू से शानदार राजनेता तक, स्मृति ईरानी के जीवन से जुड़ी 7 खास बातें

नई दिल्ली। साल 2000 से लेकर साल 2008 तक हर घर में तुलसी बहू के नाम से पहचान हासिल करने वाली स्मृति ईरानी एक ऐसा नाम है जो किसी परिचय या पहचान की मोहताज नहीं है। एकता कपूर के सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में स्मृति ईरानी ने तुलसी की अहम भूमिका निभाई थी और यह उस समय का यह ऐसा चर्चित सीरियल रहा है कि घर का हर सदस्य इस बहू को अपने घर में देखना चाहता था। स्मृति ईरानी ने जिस तरह से अपने अभिनय से लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उससे कही ज्यादा अधिक उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में उतरकर अपनी एक अलग पहचान बनाई।

आज वह महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। आज के समय में स्मृति ईरानी भारतीय जनता पार्टी का एक मजबूत अंग है जिसकी सिर्फ एक दहाड़ से विरोधी नेता भी शांत हो जाते हैं। भले ही स्मृति ईरानी अब टीवी सीरियल से दूर हों, लेकिन देश के लिए निभाई जाने वाली उनकी भूमिका बेमिसाल है। चलिए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें...

1. स्मृति ईरानी का जन्म 23 मार्च 1976 को दिल्ली में हुआ। यह बात बहुत कम लोग ही जानते होगें कि उनकी मां बंगाली और पिता पंजाबी थे।
2. बचपन से ही स्मृति ईरानी RSS से जुड़ी थीं क्योंकि उनके दादाजी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। स्मृति ईरानी की पढ़ाई दिल्ली के ही स्कूल से हुई और उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के लिए पढ़ाई की है।
3. छोटे पर्दे पर आने से पहले स्मृति ईरानी ने साल 1998 में मिस इंडिया कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और टॉप-9 तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इतनी ही नही स्मृति मीका सिंह के म्यूजिक एल्बम बोलियां और सावन में लग गई आग में भी अपनी जलवा बिखेरते नजर आई थीं।

4. स्मृति ईरानी ने सबसे पहले दूरदर्शन में आने वाले सीरियल कविता और ‘हम हैं कल आज और कल’ में भी काम किया था लेकिन जो पहचान उन्हें साल 2000 में आए एकता कपूर के सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से मिली वो किसी दूसरे सरीरियल से नहीं।
5. इसके बाद स्मृति ईरानी जी टीवी पर आने वाले सीरियल रामायण में माता सीता की भूमिका निभा चुकी हैं। इसके बाद तीन बहू रानियां, विरुद्ध, मनीबेन.कॉम जैसे कई सीरियल में काम किया। इसके बाद उन्होंने टीवी की दुनिया को अलविदा कह दिया।

6. साल 2003 में स्मृति भारतीय जनता पार्टी की सदस्य बनीं। साल 2004 में स्मृति ईरानी महाराष्ट्र यूथ विंग की वाइस प्रेसिडेंट बनीं और फिर 2011 में स्मृति ईरानी राज्यसभा की सदस्य बनीं।


7. साल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान वह राहुल गांधी के विरुद्ध खड़ी हुईं थी लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इन चुनाव में भाजपा को मिली बड़ी जीत के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री बना दिया गया।



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