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कोरोना से ठीक हुए मरीजों में लंग्स डैमेज होने का खतरा, ब्लड गैस टेस्ट से मिलेगी सटीक जानकारी

कोरोना महामारी को देश और दुनिया में दस्तक दिए 11 महीने हो चुके हैं। इसके चलते दुनियाभर में अब तक करीब साढ़े 15 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। लोगों ने इससे बचने के लिए तमाम तरह के तरीके अपना लिए हैं। इम्यून को बेहतर बनाने के लिए खान-पान और एक्सरसाइज पर भी लोग खूब ध्यान दे रहे हैं।

भोपाल में डॉक्टर तेजप्रताप तोमर कहते हैं कि कोरोना न केवल हमारी इम्यून सिस्टम को बल्कि हमारे शरीर के ऑर्गन्स को भी डैमेज कर देता है। इससे बचने के लिए योग करने की सलाह दी जा रही है। कोरोना पीड़ितों को अपने साथ ऑक्सीमीटर रखने की सलाह भी दी जा रही है। जिससे समय-समय पर शरीर में ऑक्सीजन लेवल का स्तर जाना जा सके।

डॉ. तोमर के मुताबिक, अगर वायरस का लोड ज्यादा बढ़ जाता है तो इससे लंग्स डैमेज होने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसके चलते ब्लड में ऑक्सीजन लेवल घट जाता है। जो पोस्ट कोविड जैसी तमाम समस्याओं की वजह बन रहा है। इसलिए कोरोना से ठीक हुए मरीजों को ब्लड गैस टेस्ट करा लेना चाहिए। खासकर ऐसे मरीज जिनमें वायरस लोड ज्यादा था, उन्हें तो जरूर इस प्रक्रिया से गुजरना चाहिए।

क्या होता है ब्लड गैस टेस्ट

  • इस टेस्ट के जरिए शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर का पता चलता है। जिससे डॉक्टर यह पता कर पाते हैं कि फेफड़े और लीवर ठीक तरह से काम कर रहे हैं या नहीं।
  • ब्लड सेल्स शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड ट्रांसपोर्ट करते हैं। यह लंग्स के जरिए ही हो पाता है। ब्लड गैस टेस्ट में पता चलता है कि लंग्स ब्लड में ऑक्सीजन की कितनी सप्लाई कर रहे हैं। साथ ही यह भी पता चलता है कि हमारे लंग्स कितनी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को रिमूव कर रहे हैं।
  • टेस्ट के बाद अगर ब्लड में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का PH लेवल कम पाया जाता है तो इसका मतलब लंग्स सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब यह भी है कि पीड़ित की किडनी खराब है, हार्ट की समस्या है या शुगर लेवल बढ़ा हुआ है।

ब्लड गैस टेस्ट क्यों जरूरी

  • अगर किसी में सांस लेने में दिक्‍कत, जी मचलना या बेचैनी जैसे लक्षण हैं, तो उसे ब्लड गैस टेस्ट कराना चाहिए। ऐसे होने की कई वजहें हो सकती हैं। लेकिन अगर कोरोना से ठीक हुए मरीजों में यह लक्षण दिख रहा है तो इसकी वजह लंग्स डैमेज भी हो सकता है। ऐसे केस में लापरवाही को अफोर्ड नहीं किया जा सकता।
  • डॉ तोमर कहते हैं कि ब्लड टेस्ट के जरिए शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर का सटीक पता लगाया जा सकता है।

कब बिगड़ता है ब्लड का PH स्तर

हमारे ब्लड में कई तरह के गैस पाए जाते हैं। जब इनका स्तर सामान्य से ज्यादा या कम हो जाता है तो ब्लड का PH स्तर बिगड़ जाता है। इसके चलते हमारा इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है। कोरोना से ठीक हुए मरीजों में इस तरह के लक्षण देखे जा रहे हैं। इसलिए डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स कोरोना के बाद ब्लड गैस टेस्ट को जरूरी बता रहे हैं।

लंग्स पर सबसे ज्यादा चोट कर रहा कोरोना

डॉ तोमर कहते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों में अगर वायरस लोड ज्यादा है तो उन पर लंग्स डैमेज का खतरा बना रहता है। जिसके चलते इम्यून सिस्टम कोलैप्स कर जाता है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने से शरीर कोरोना समेत तमाम दूसरे वायरस से लड़ पाने में सक्षम नहीं रह जाता। इसके चलते फेफड़े भी कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्‍कत होने लगती है।


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