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बिना ओनरशिप वाले HDFC ग्रुप का M-Cap बीएसई पर दूसरे नंबर पर, 2.51 लाख करोड़ का रेवेन्यू

एचडीएफसी ग्रुप ने पिछले हफ्ते देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस ग्रुप को मार्केट कैपिटलाइजेशन (एम-कैप) में पीछे छोड़ दिया। एचडीएफसी ग्रुप इंफोसिस जैसी कंपनी है जिसे प्रोफेशनल्स चलाते हैं। किसी भी व्यकित या परिवार के पास ग्रुप की 4% भी हिस्सेदारी नहीं है।

इसमें कोई ओनरशिप नहीं है। पूरे ग्रुप की करीबन 74% हिस्सेदारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के पास है। बाकी में घरेलू और अन्य दूसरे निवेशक हैं।

मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में ग्रुप का कारोबार

पूरे ग्रुप के कारोबार की बात करें तो मार्च 2020 में समाप्त वित्त वर्ष में कुल रेवेन्यू 2.51 लाख करोड़ रुपए रहा है। कुल फायदा 50 हजार 250 करोड़ रुपए रहा है। 25 नवंबर को कुल मार्केट कैप 13.54 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसकी सबसे बड़ी कंपनी HDFC बैंक है। 25 नवंबर को यह पहली बार 8 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप को छू लिया। हालांकि बाद में यह 7.72 लाख करोड़ रुपए के साथ बंद हुआ।

1995 में लिस्ट हुआ था एचडीएफसी बैंक

8 नवंबर 1995 को एचडीएफसी बैंक शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। उस समय इसका मार्केट कैप 400 करोड़ रुपए था। भारतीय बैंकिंग इंडस्ट्री में 26 सालों तक एमडी एवं सीईओ का रिकॉर्ड इसी बैंक के हालिया रिटायर आदित्य पुरी के नाम रहा है। वह एक ऐसे प्रोफेशनल बैंकर थे जो न तो मोबाइल फोन रखते थे और न ही 5.30 के बाद ऑफिस में होते थे।

मार्च में बैंक का रेवेन्यू 1.14 लाख करोड़

मार्च 2020 में बैंक का कुल रेवेन्यू 1.14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा, फायदा 26 हजार 257 करोड़ रुपए रहा। बैंक के शेयरों ने जनवरी से अब तक 14% का रिटर्न दिया है। जनवरी में एक शेयर का भाव 1,225 रुपए था जो अब 1464 पर कारोबार कर रहा है।

एचडीएफसी लिमिटेड दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

इस ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी HDFC लिमिटेड है। मुख्य रूप से हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की इस कंपनी का रेवेन्यू 1.01 लाख करोड़ रुपए रहा है। फायदा 21,434 करोड़ रुपए रहा है। बैंक के बाद यह दूसरी कंपनी थी जो लिस्ट हुई थी। यह 23 अक्टूबर 1996 को लिस्ट हुई थी। इसका मार्केट कैप करीबन 4 लाख करोड़ रुपए है। इसके शेयर ने 9.25% का घाटा दिया है। जनवरी में 2,412 रुपए पर था जो अब 2,190 रुपए पर है।

बीमा कंपनी तीसरी सबसे बड़ी कंपनी

तीसरी बड़ी कंपनी इसकी बीमा कंपनी है। HDFC लाइफ इंश्योरेंस मुख्य रूप से जीवन बीमा के कारोबार में है। इसका रेवेन्यू 32 हजार 244 करोड़ रुपए रहा है। इसका फायदा 1,297 करोड़ रुपए रहा है। मार्केट कैप 1.34 लाख करोड़ रुपए है। इसके शेयर ने 10 पर्सेंट का फायदा दिया है। जनवरी में यह 599 रुपए पर था जो अब 665 रुपए पर है।

चौथी कंपनी म्यूचुअल फंड

चौथी कंपनी इसकी म्यूचुअल फंड में कारोबार करती है। एचडीएफसी असेट मैनेजमेंट का रेवेन्यू 2,143 करोड़ रुपए रहा है जबकि इसका फायदा 1,262 करोड़ रुपए रहा है। 53 हजार करोड़ इसका मार्केट कैप है। इसके शेयर ने इस साल 21.39% का घाटा दिया है। यह जनवरी में 3,173 रुपए पर था जो अब 2,512 रुपए पर कारोबार कर रहा है। यह देश में म्यूचुअल फंड में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के लिहाज से है। इसका AUM 3.75 लाख करोड़ रुपए रहा है।

ग्रुप की 74 पर्सेंट हिस्सेदारी एफआईआई के पास

एचडीएफसी देश का एक ऐसा ग्रुप है जिसकी 74 पर्सेंट के करीब होल्डिंग विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास है। यानी इसमें कोई ओनरशिप नहीं है। विदेशी निवेशकों में भी सैकड़ों निवेशक हैं। इन कंपनियों की प्रमोटर्स मूलरूप से एचडीएफसी लिमिटेड है जिसमें एफआईआई की ज्यादा होल्डिंग है। इसका कारोबार बहुत ही सीमित सेक्टर में है। इसमें बैंकिंग, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड और बीमा के साथ ब्रोकिंग है।



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Reliance Group Market Capitalization Vs HDFC; HDFC Group MCAP on BSE


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