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भारत बांड ETF से चौथी तिमाही में 10 हजार करोड़ रुपए जुटाने का सरकार का लक्ष्य

भारत बांड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से चौथी तिमाही में 10 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। इसके तहत सरकार सरकारी सेक्टर की कंपनियों में हिस्सा बेचने की योजना बना रही है। चालू वित्त वर्ष में यह दूसरी बार होगा जब इसके जरिए सरकार पैसा जुटाएगी। इससे पहले जुलाई में सरकार ने इसके जरिए पैसा जुटाया था।

12,400 करोड़ रुपए दिसंबर में जुटाया गया था

जानकारी के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में भारत बांड ईटीएफ के जरिए सरकार ने 12,400 करोड़ रुपए जुटाया था। वित्त वर्ष 2021 में सरकार इसके जरिए दोगुना की राशि जुटाने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार के अलावा कई राज्य सरकारें भी भारत बांड ETF के जरिए अपनी कंपनियों की हिस्सेदारी को बेचना चाहती हैं। इसलिए उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2022 में इसके जरिए ज्यादा रकम जुटाई जा सकती है।

सीपीएसई बांड्स है आकर्षक

निवेशकों के नजरिए से CPSE बांड्स काफी आकर्षक रहा है। इसका कारण यह है कि एक तो कम इंट्री बैरियर और कम खर्च इसमें होता है। भारत बांड का यह तीसरा चरण होगा जो चौथी तिमाही में मार्च में लांच किया जा सकता है। विश्लेषकों के मुताबिक भारत बांड ETF को लेकर काफी मांग निवेशकों में है।डेट ETF को इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट विभाग (DIPAM) के जरिए लाया जाता है और इसका प्रबंधन एडलवाइस असेट मैनेजमेंट करता है।

ईटीएफ की पहली सिरीज दिसंबर में लांच की गई थी

ETF की पहली सिरीज पिछले साल दिसंबर में लांच की गई थी। इसमें 55 हजार रिटेल निवेशकों ने हिस्सा लिया था। यह ETF 1.8 गुना भरा था जिसमें 12,400 करोड़ रुपए का सब्सक्रिप्शन मिला था। इसका असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 15,905 करोड़ रुपए रहा है। भारत बांड की दूसरी सिरीज 3.7 गुना सब्सक्राइब हुई थी जो जुलाई में लांच की गई थी। इसमें 40 हजार अप्लीकेशन आए थे और 11 हजार करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई थी। इस दूसरी सिरीज का AUM 13,326 करोड़ रुपए है।

कम खर्च लगता है ईटीएफ

रिटेल निवेशकों के लिए अच्छा यह है कि इसका जो खर्च का अनुपात है वह दो लाख रुपए पर केवल एक रुपए का खर्च होता है। जबकि डेट म्यूचुअल फंड में यह 2 से 3 हजार रुपए खर्च होता है। इसमें रिटेल निवेशक कम से कम एक हजार रुपए का निवेश कर सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि मीडियम से लांग टर्म में यह साधन केंद्र सरकार की कंपनियों (सीपीएसई) के लिए अच्छी राशि जुटाने में मदद कर सकता है।

सीपीएसई को और अधिक आक्रामक बनाया जाएगा

सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में सीपीएसई रूट के जरिए पैसा जुटाने की योजना को और अधिक आक्रामक बनाया जा सकता है। कम कीमत वाला यह ETF रूट ट्रेडिंग और लिक्विडिटी के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है। भारत बांड ETF एक ओपन एंडेड फिक्स्ड मैच्योरिटी वाला बांड है जो निफ्टी भारत बांड इंडेक्स के जरिए रिटर्न देता है। 11 नवंबर तक 2030 वाले बांड के इंडेक्स ने 6.6% का रिटर्न दिया है जबकि 10 साल की सरकारी प्रतिभूतियां (G-Sec) ने महज 5.9% का रिटर्न दिया है।



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ETF की पहली सिरीज पिछले साल दिसंबर में लांच की गई थी। इसमें 55 हजार रिटेल निवेशकों ने हिस्सा लिया था। यह ETF 1.8 गुना भरा था जिसमें 12,400 करोड़ रुपए का सब्सक्रिप्शन मिला था। इसका असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 15,905 करोड़ रुपए रहा है


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