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डोनाल्ड ट्रंप के ‘झूठ’ से परेशान मीडिया ने बीच में रोका लाइव प्रसारण

 


अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Election) के परिणामों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दावों में स्थानीय मीडिया (Media) को कोई दिलचस्पी नहीं है. मीडिया ने गुरुवार को ट्रंप की बातों को झूठ का पुलिंदा करार देते हुए उनका लाइव प्रसारण बीच में ही रोक दिया. मीडिया का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव में हार को देखते हुए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे थे और चैनलों के जरिए झूठी सूचनाएं दे रहे थे. इसलिए लाइव प्रसारण बीच में ही रोकना पड़ा.

17 मिनट का संबोधन 
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग संपन्न होने के बाद ट्रंप पहली बार गुरुवार रात सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आये. इस दौरान, उन्होंने अवैध वोटों के जरिए चुनाव चुराने जैसी बातें कहीं. राष्ट्रपति ने कहा कि डेमोक्रेट्स अवैध वोट इस्तेमाल कर परिणाम अपनी ओर ले जा रहे हैं. अपने 17 मिनट के इस संबोधन में ट्रंप ने कई बार पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किये. जिसके बाद मीडिया ने उनका लाइव प्रसारण बंद कर दिया. 

मेरिका के लिए दुखद
MSNBC के प्रसारण बंद करने से पहले उसके एंकर ब्रेन विलियम्स (Brian Williams) ने कहा, ‘यहां हम फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति के लाइव प्रसारण को न सिर्फ बाधित कर रहे हैं, बल्कि उनकी बातों को दुरुस्त भी कर रहे हैं’. इसी तरह, CNN के जैक टेप्‍पर ने (Jake Tapper) कहा, ‘अमेरिका के लिए यह कितनी दुखद रात है कि उन्हें अपने राष्ट्रपति से चुनाव को लेकर झूठ सुनने को मिल रहा है’. उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति बस झूठ पर झूठ बोलते रहे, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किये.

वहीं, ट्विटर ने की कार्रवाई
वहीं, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) ने राष्ट्रपति ट्रंप के कई ट्वीट को भ्रामक करार दिया है, जिसकी वजह से घंटों बाद भी ट्वीट को कोई लाइक, कमेंट नहीं मिल सका है और न ही कोई उसे रीट्वीट कर पाया है.  गुरुवार रात डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया था, ‘धोखेबाजी रोको.’ जिसे ट्विटर ने भ्रामक करार देकर छिपा दिया. हालांकि, उस ट्वीट को देखा जा सकता है, लेकिन रीट्वीट या लाइक आदि नहीं किया जा सकता.  

झटके से कम नहीं
इससे पहले ट्रंप के एक और ट्वीट पर  ट्विटर ने कार्रवाई की. राष्ट्रपति ने लिखा था, ‘जो बाइडेन के सभी दावों को हम अदालत में चुनौती देने जा रहे हैं. यह वोटर फ्रॉड और स्टेट इलेक्शन फ्रॉड है. हमारे पास बहुत सारे सबूत हैं, मीडिया देखें. हम जीतेंगे, अमेरिका फर्स्ट’! इस ट्वीट को भी सोशल मीडिया साइट द्वारा भ्रामक बताया गया है. ऐसे वक्त में जब ट्रंप अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं और उनका समर्थन प्राप्त करना चाहते हैं, ट्विटर की यह कार्रवाई उनके लिए किसी झटके से कम नहीं है.


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