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छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों से अर्थव्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद

कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था को छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों से मदद मिल रही है। उनके द्वारा बिजनेस के संबंध में आवागमन, होटल में रुकने, अन्य खर्च करने से छोटे-छोटे व्यवसाय को इस महामारी से बाहर निकलने की एक रोशनी दिख रही है। खासकर ऐसे समय में जब बड़े बिजनेस घराने पूरी तरह से वर्चुअल मीटिंग और अन्य काम कर रहे हैं।

दिल्ली से जोधपुर की यात्रा

औद्योगिक लॉन्ड्री सेवा वाशेक्स हॉस्पिटैलिटी के मालिक मनीष मेहरा ने हाल ही में दिल्ली से जोधपुर जाकर एक बड़े सरकारी अस्पताल का कान्ट्रैक्ट लेने के लिए कोशिश की जो उनके बिजनेस को एरफ्तार देने के लिए आवश्यक है। जोधपुर के एक होटल में एक सप्ताह तक रुके मेहरा ने कहा कि एक नए रिश्ते के लिए यह आवश्यक है कि आप ऑनलाइन काम करने के लिए जरूरी विश्वास स्थापित कर सकें और ऐसा करना सरकारी विभागों के मामले में ज्यादा जरूरी है।

छोटे व्यापारी बढ़ा रहे हैं मांग

मेहरा जैसे छोटे व्यवसाइयों के लिए हवाई यात्रा और होटल में रहने की बढ़ती मांग, ग्रामीण आय में वृद्धि और दो अच्छे मॉनसून के बाद खर्च महामारी से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे रिकवर होने में मदद कर रहा है। जुलाई-सितंबर की तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 7.5% की गिरावट आई है, जबकि विश्लेषकों के 8.8% के गिरावट की उम्मीद की थी। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन को ढीला कर दिया गया है जिससे डिमांड में तेजी आई है।

पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 पर्सेंट की गिरावट

गौरतलब है कि अप्रैल-जून में अर्थव्यवस्था में 23.9% की गिरावट दर्ज की गई थी। कृषि क्षेत्र में 3.4% और सितंबर तिमाही के दौरान मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 0.6% की वार्षिक वृद्धि ने अप्रैल-जून की अवधि की तुलना में बहुत धीमी गति से सर्विस सेक्टर और होटल, परिवहन जैसे क्षेत्रों में शुरुआती सुधार की उम्मीद जगी है।

सुरक्षित यात्रा की जरूरत

सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट की कमी और सुरक्षित यात्रा की आवश्यकता, निजी वाहनों की मांग बढ़ने के कारण बम्पर फसल से फायदा कमाने वाले किसान ट्रैक्टरों को खरीदने जा रहे हैं। वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन बढ़ा है और ऊर्जा खपत में भी वृद्धि हुई है। क्वांटेको रिसर्च के एक अर्थशास्त्री युविका सिंघल ने कहा कि गर्त में जा चुकी अर्थव्यवस्था में जुलाई तिमाही से रिकवरी होने लगी है इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अगुवाई की है।

सिंघल ने कहा कि जब तक हाई कान्टैक्ट सर्विस सेक्टर में मजबूत रिकवरी नहीं होती है, तब तक GST का 60% हिस्सा कृषि और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में होगा। कम आउटपुट को फिर से पाने के लिए एक वर्ष से अधिक का समय लगेगा।

होटलों में ऑक्युपेंसी 60 पर्सेंट तक पहुंची

हॉस्पिटैलिटी फर्म सामही के सीईओ आशीष जाखनवाला ने कहा कि श्रीपेरंबुदुर, विशाखापत्तनम और नासिक जैसे औद्योगिक शहरों में कई होटलों में 50 फीसदी से 60 फीसदी ऑक्यूपैंसी है जिसमें डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ काम करने वाले कई लोग आ रहे है। जबकि इसी फर्म का बंगुलुरु का होटल जो मुख्य रूप से बड़े कॉर्पोरेट्स पर निर्भर करता है, केवल 20% से 30% ऑक्यूपैंसि पर काम कर रहा है।

जाखनवाला ने कहा कि बड़े कॉरपोरेट्स और अंतरराष्ट्रीय यात्रा की मांग को ठीक होने में अधिक समय लगेगा। सार्वजनिक क्षेत्र और बुनियादी ढांचा कंपनियों के लिए केटरिंग सेवा देने वाले होटल बेहतर काम कर रहे हैं।

हवाई यात्रियों की संख्या 50 लाख हो गई

मई के अंत में उड़ानों पर प्रतिबंध हटाने से अक्टूबर में मासिक घरेलू यात्रियों की संख्या जून के 2 मिलियन से बढ़कर अक्टूबर में 5 मिलियन हो गई है। लेकिन यह आंकड़ा अभी भी एक साल पहले के लगभग 12 मिलियन से काफी कम है। भारत की सबसे बड़ी कार्गो कंपनी इंडिगो और विस्तारा को कारोबारी यात्रा में तेजी दिख रही है, लेकिन पहले की तुलना में काफी कम है।

एसएमई और छोटे बिजनेस कर रहे हैं यात्रा

सिंगापुर एयरलाइंस और टाटा समूह वाली विस्तारा के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विनोद कन्नन ने कहा कि इसका अधिकांश हिस्सा छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) या छोटे व्यवसाय के मालिकों से आ रहा है, जो घर पर नहीं बैठ सकते। ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी मेकमाईट्रिप के अनुसार, एसएमई ने प्री-कोविड समय के साथ होटल बुकिंग में 35% से 40% तक की रिकवरी की है और उड़ानों में 27% और 32% की रिकवरी में योगदान दिया है।

छोटे शहर या गांव कर रहे हैं तरक्की

देश के छोटे या दूरदराज के इलाकों में कोरोना का प्रभाव बड़े शहरों की तरह उतना गंभीर नहीं रहा है और किसानों को लगातार दो वर्षों तक अच्छी बारिश से फायदा हुआ है। इससे बम्पर फसल हुई है और सर्दियों में बोई गई फसलों की भी अच्छी पैदावार हुई है। यह महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे ट्रैक्टर निर्माताओं की बिक्री बढ़ा रहा है।

छोटे शहरों में ट्रांसपोर्ट की कमी से बढ़ी कार और मोटरसाइकिल की मांग

छोटे शहरों और गांवों में पर्याप्त और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की कमी ने भी कारों और मोटरसाइकिलों की मांग को बढ़ा दिया है। भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर (मार्केटिंग एण्ड सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि जुलाई और सितंबर के बीच ग्रामीण बिक्री में 10% की वृद्धि हुई है जबकि कुल मिलाकर 4% की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा की ग्रामीण भारत तो रिकवरी के मामले में अच्छा काम कर रहा है पर शहरी भारत रिकवरी के लिए नाकाफ़ी है। काफी कुछ लंबी मांग, आर्थिक सुधार, बढ़ती आय और शहरी बाजारों में रिकवरी पर निर्भर करेगा।



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