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कोरोना संकट में भारतीय ग्राहकों ने गोल्ड के सहारे पूरी की वित्तीय जरूरतें, देश में गोल्ड लोन का मार्केट भी बढ़ा

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने भारत में गोल्ड लोन से संबंधित एक रिपोर्ट जारी किया है। इसे के मुताबिक महामारी के दौरान भारत में ग्राहकों ने वित्तीय आवश्यकताओं के लिए अपनी गोल्ड होल्डिंग्स का उपयोग किया। इससे देश में गोल्ड लोन का मार्केट ग्रोथ भी जबरदस्त हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक गोल्ड की कीमत में बढ़ोतरी से गोल्ड लोन की डिमांड बढ़ेगी।

गोल्ड लोन की डिमांड में बढ़ोतरी

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना फेज में NBFC और बैंकों के जरिए गोल्ड लोन की डिमांड में मजबूती देखने को मिली। इस दौरान भारत में NBFC के गोल्ड लोन असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। दूसरी तिमाही में मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस के AUM में पिछले साल की तुलना में क्रमश: 15% और 33.4% की बढ़त दर्ज की गई। फेडरल बैंक का गोल्ड लोन AUM भी दूसरी तिमाही में 36% बढ़ा। वहीं, इंडियन बैंक ने 10% की ग्रोथ देखने को मिली। बैंक का निम्न आकार का औसत गोल्ड लोन 88 हजार रुपए का रहा।

गोल्ड लोन डिमांड में बढ़ोतरी का असर

गोल्ड लोन डिमांड में बढ़त को देखते हुए बैंकों ने ग्राहकों के लिए नए-नए स्कीम लॉन्च किए हैं। इसमें सरकारी बैंक एसबीआई और प्राइवेट सेक्टर के आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और अन्य शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक टेकनोलॉजी देश में गोल्ड लोन मार्केट की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा सकती है। वहीं, एनबीएफसी पहले से ही ऑनलाइन गोल्ड लोन स्कीम को लॉन्च कर रहे हैं। इस सेक्टर की कंपनियां शाखाओं और सार्वजनिक स्थानों में सेल्फ-सर्विस कियोस्क जैसे ई-केवाईसी और लोन डिस्बर्समेंट, ई-वॉलेट और प्रीपेड कार्ड के उपयोग से रीपेमेंट को भी लॉन्च कर सकती है।

भारत में गोल्ड लोन का मार्केट

गोल्ड लोन सेगमेंट में ग्रोथ के लिए एनबीएफसी सेक्टर की कंपनियों ने अपनी शाखाओं और टेक्नोलॉजी का विस्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में गोल्ड लोन मार्केट के ग्रोथ आउटलुक का बेहतर भविष्य है। यह वित्त वर्ष 2022 में सालाना 15.7% की ग्रोथ रेट से 4617 अरब रुपए का हो जाएगा, जो वित्त वर्ष 2020 में 3448 अरब रुपए रहा था।

गोल्ड लोन सेगमेंट में आगे की राह

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि पारंपरिक तौर पर गोल्ड लोन इंडस्ट्री छोटे कारोबार और घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बेहद अहम स्तंभ है, जो जरूरत के समय में मजबूत सहायक के तौर पर काम करता है। उन्होंने कहा कि इस साल घरेलू सोने का भाव 28.8% चढ़ा चुका है और आगे भी छोटे कारोबार के जल्द लोन से गोल्ड लोन में ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसे डिमांड के अलावा सप्लाई की दिशा में सहारा मिलेगा। क्योंकि बैंक और एनबीएफसी संस्थान इस सेगमेंट में बड़े विस्तार पर काम कर रहे हैं।



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Gold Price News: Gold Loan Demand Amid Coronavirus Outbreak; Here's World Gold Council (WGC) Latest Report


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