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Aakhirkar pakda Gaya Vikas Dubey


यूपी के 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे महाकाल के मंदिर से बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले विकास दुबे पिछले 3 दिन से दिल्ली-एनसीआर में रहकर  हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस को चमका देता रहा। यहां तक कि बुधवार शाम यह खबर भी मीडिया में तैरनी लगी थी कि गैंगस्टर विकास दुबे नोएडा सेक्टर-16 स्थित किसी निजी न्यूज चैनल में मीडिया के जरिए समर्पण कर सकता है। अब उसकी उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। 

जानकारी के मुताबिक, 5 लाख रुपये का इनामी गैंगस्टर विकास दुबे बुधवार शाम को नोएडा में एक ऑटो में देखा गया था, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। जिस युवक ने सूचना दी नोएडा पुलिस ने उससे पूछताछ भी की। बताया जा  रहा है कि गढ़ी चौखंडी में रहने वाले एक युवक ने विकास दुबे को ऑटो में देखने का दावा किया है। उसका कहना है कि बुधवार देर शाम वह एक मूíत गोल चक्कर से नोएडा की तरफ ऑटो से आ रहे थे। ऑटो में युवक के साथ उनके एक दोस्त व एक अन्य व्यक्ति सवार था। पुलिस के अनुसार, युवक का कहना है कि उस ऑटो में सवार तीसरा व्यक्ति विकास दुबे था। उसने मोबाइल मांगा लेकिन उन्होंने नहीं दिया। इसके बाद वह दोस्त के साथ पर्थला गोल चक्कर के पास उतर गए। 

वहीं, इससे पहले फरीदाबाद के हरी नगर से ऑटो में बैठकर भागने के बाद विकास दुबे के दिल्ली के घुसने की सूचना मिली थी। क्राइम ब्रांच की टीमें बुधवार को पूरा दिन जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंची। पुलिस की टीमों ने इस बारे में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को भी सूचित कर दिया है। दरअसल, पुलिस को हरी नगर के बाहर मंगलवार शाम 3.12 बजे एक मिठाई की दुकान के सामने विकास दुबे के खड़े होने की फुटेज मिली थी। इसके बाद वह ऑटो में बैठता दिखा। पुलिस ने दिल्ली की तरफ जा रहे रास्ते पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से ऑटो का पीछा किया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में वह ऑटो बाइपास होते हुए बदरपुर बॉर्डर तक पहुंचा। इसके बाद विकास को बदरपुर बॉर्डर से पैदल दिल्ली में एंट्री करने की भी पुष्टि पुलिस सूत्रों ने की है।

विकास दुबे के साथी कार्तिकेय उर्फ प्रभात ने बताया है कि फरीदाबाद से उनका प्लान इटावा भागने का था। उसके ज्यादातर संपर्क ने शरण देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। शरण लेने के लिए उसे काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। गिने-चुने लोग ही शरण देने की हामी भर रहे हैं। इटावा में एक मित्र ने शरण देने की हामी भरी थी। फरीदाबाद में शरण देने वाले अंकुर ने बताया है कि विकास दुबे पहले भी उनके घर आता-जाता रहा है।

Newa source

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