भारत में कोरोना के रिकॉर्ड टेस्ट, लगातार दूसरे दिन 5 लाख से ज्यादा लोगों की हुई जांच

Coronavirus  Image Source : AP

भारत ने कोरोना टेस्ट के मामले में रफ्तार पकड़ ली है। देश में लगातार दूसरे दिन 5 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में तेजी से टेस्ट किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार को भारत में 5.28 लाख टेस्ट किए गए हैं। जो कि एक रिकार्ड है। इससे पहले भी रविवार को 5.15 लाख टेस्ट किए गए थे।   इस बीच कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन अलग-अलग शहरों-मुंबई, कोलकाता और नोएडा में कोरोना वायरस (SARS-CoV2)टेस्ट के लिए तीन हाई क्लास प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। तीनों एक साथ रोजाना लगभग 10,200 सैंपल टेस्ट कर सकते हैं। दो प्रयोगशालाएँ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बाहर हैं। Indian Council of Medical Research (ICMR) के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की प्रयोगशालाएं टेस्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए या तो एकल मशीनों का उपयोग कर रही हैं या कई मशीनों का उपयोग कर सकती हैं। इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर एक दिन में 10 लाख सैम्पल्स टेस्ट करने की भविष्य की योजना है। 

शनिवार को देश में 4,42,263 सैम्पल्स का टेस्ट किया इसके साथ ही अबतक देश में कोरोना के 1,62,91,331 टेस्ट हो चुके हैं।नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने पिछले सप्ताह प्रेस वार्ता में बताया कि "हम एक दिन में एक लाख टेस्ट कर रहे हैं। तीन प्रयोगशालाएं तीन आईसीएमआर संस्थानों में स्थापित की गई हैं।मुंबई में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्रोडक्टिव हेल्थ (एनआईआरआरएच), कोलकाता में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलरा एंड एंटरिक डिसीज (एनआईसीईडी) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च NICPR) नोएडा में।

NIRRH मुंबई में COBAS 6800 मशीन लगाई है। स्विस कंपनी द्वारा निर्मित ये आयातित मशीनें एक दिन में 1,200 सैम्पल्स टेस्ट कर सकती हैं, इस प्रकार ये मशीनें टेस्ट में लगनेवाले समय और बैकलॉग को काफी कम कर देती हैं। प्रत्येक COBAS 6800 मशीन की कीमत लगभग 3.7 करोड़ रुपये है।

वर्तमान में देश में दो COBAS मशीनें स्थापित हैं - एक एम्स, नई दिल्ली में, और दूसरी नेशनल सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल (NCDC) में, जो राष्ट्रीय राजधानी में है।

एनआईसीईडी कोलकाता की हाईलेवल प्रयोगशाला COBAS 8800 मशीन से लैस है जो एक दिन में 3,000 सैम्पल्स का टेस्ट कर सकती है। प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 5.7 करोड़ रुपये है। प्रयोगशाला का विकास देश के पूर्वी हिस्से में टेस्ट के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए किया गया है। 

नोएडा की लैब 12 आरटी-पीसीआर मशीनों और चार स्वचालित आरएनए एक्सट्रैक्टर्स से लैस है। यहां एक दिन में 6,000 सैम्पल्स टेस्ट किये जाने की उम्मीद है। भारत ने स्विस कंपनी से आठ कोरोना टेस्ट मशीनों का ऑर्डर दिया है



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