अमेरिका में अश्वेतों के हत्यारे 99% पुलिस अफसरों के खिलाफ केस ही नहीं चलते, आय में ये गोरों से 40% पीछे

इन दिनों दुनियाभर में चर्चित अमेरिका का मिनियापोलिस शहर लंबे समय से अश्वेतों पर पुलिस की नृशंसता के खिलाफ लामबंद है। यहां 25 मई को अश्वेत जार्ज फ्लायड की गोरे पुलिस अफसर ने गला घोटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद सैकड़ों शहरों में हिंसक उपद्रव भड़क गए। कई वर्ष से मिनियापोलिस के एक्टिविस्ट और कुछ संगठन पुलिस अत्याचारों के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं।

एक्टिविस्ट का तर्क है कि पुलिस कर्मियों को दंड ना मिलने के कारण बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। मैपिंग पुलिस वायोलेंस संगठन के अनुसार अमेरिका में 2013 से 2019 के बीच हत्याओं में शामिल 99% पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत में मामले पेश नहीं किए गए।

एक्टिविस्ट ने सिटी कौंसिल, राज्य विधानसभा में अपनी बात पहुंचाई है। आगाह किया है कि यदि रंगभेद, आर्थिक असमानता और पुलिस के आक्रामक रवैये में सुधार नहीं किया गया तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। एक्टिविस्ट सांद्रा रिचर्डसन बताती हैं, कि मिनियापोलिस के लोग कहते हैं कि हम जैसे बारूद के ढेर पर बैठे हैं।

सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है कि अश्वेतों की हत्या करने वाले पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। मिनियापोलिस आग्सबर्ग यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर विलियम ग्रीन का कहना है, जब तक पुलिस विभाग की जवाबदेही तय नहीं होगी, कुछ नहीं होने वाला है।

2014 में पुलिस द्वारा दो अश्वेतों-एरिक गारनर और माइकेल ब्राउन की हत्या के बाद शुरु हुए ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन में मिनियापोलिस के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। मिनेसोटा शहर में 2015 और 2016 में पुलिस की गोली से दो अश्वेतों-जमार क्लार्क, फिलेंडो केसिलो की मौत के बाद जबर्दस्त प्रदर्शन हुए।

दोनों मामलों में किसी पुलिस अधिकारी को सजा नहीं हुई। लेकिन इन घटनाओं ने लोगों को संगठित किया है। रिक्लेम दा ब्लॉक ग्रुप ने सिटी कौंसिल से पुलिस बजट में चार करोड़ 50 लाख डॉलर की कटौती कर इस धन को अश्वेतों पर खर्च करने की मांग की है।

अमेरिका में अश्वेतों से जुड़ा वो सबकुछ जो आपको जानना चाहिए

1. दुनिया भर में अश्वेत प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?

46 वर्षीय अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड को 25 मई को अमेरिका के मिनियापोलिस में एक दुकान के नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारी को घुटने से आठ मिनट तक जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन दबाते हुए देखा गया। वीडियो में जॉर्ज कहते हैं- मैं सांस नहीं ले सकता (आई कांट ब्रीद)। बाद में फ्लॉयड की मौत हो गई।

2. प्रदर्शनों का नेतृत्व कौन सा संगठन कर रहा है?

ट्रंप प्रशासन कट्‌टर वामपंथी संगठन एंटिफा को इस पूरे प्रदर्शन और तोड़फोड़ के लिए दोषी मान रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ट्वीट कर एंटिफा को आतंकी संगठन घोषित करने की बात कही है। हालांकि मिनीसोटा के एटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन का मानना है कि इस बारे में सही ढंग से कोई नहीं जानता।

3. ऐसे समझिए अमेरिका में अश्वेतों की स्थिति

अमेरिका के अश्वेतों और श्वेतों की बेरोजगारी, प्रति व्यक्ति आय और उनकी संपत्ति के आधार पर तुलना में यह बात सामने आई है कि आज भी अश्वेत, श्वेतों की तुलना में बहुत पिछड़े हैं। उनकी औसत घरेलू आय लगभग 40 प्रतिशत कम है। अश्वेतों की घरेलू औसत आय लगभग 31 लाख प्रतिवर्ष है। वहीं श्वेतों की आय लगभग 53.65 लाख प्रतिवर्ष है। ऐसे ही अमेरिकी श्रम विभाग की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार बेरोजगारी दर भी श्वेतों की तुलना में 2.5 प्रतिशत ज्यादा है। श्वेतों के पास औसत संपत्ति लगभग दस गुना अधिक है।

व्यवसाय: केवल 9 प्रतिशत हिस्सेदारी कुल व्यापार में

सेंसस ब्यूरो ऑफ अमेरिका द्वारा 2019 में जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 तक अमेरिका के कुल बिजनेस में से 9 प्रतिशत में हिस्सेदारी अफ्रीकन अमेरिकन की थी। अमेरिकी में वर्ल्ड वाइड टेक्नोलॉजी, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, एसीटी-1 ग्रुप्स, ब्रिजवाटर इंटीनिरयर्स, एलएलसी, कोका-कोला बेवरेज और द बॉटम लाइन जैसी कंपनियों के मालिक भी अफ्रीकी अमेरिकी लोग हैं।

सेहत: श्वेत की तुलना में औसतन 4 वर्ष कम जीते हैं

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस ऑफ माइनोरिटी हेल्थ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 में अश्वेत व्यक्ति की जीवन प्रत्याशा लगभग 76.1 वर्ष थी जबकि श्वेतों में यह आंकड़ा 79.8 वर्ष है। यानी अफ्रीकी अमेरिकियों में मृत्यु दर श्वेतों की तुलना में अधिक है। इसमें हार्ट से जुड़ी बीमारियां, स्ट्रोक, कैंसर, अस्थमा, इन्फ्लुएंजा, डाइबिटीज, एचआईवी एड्स और हत्याएं शामिल हैं ।

वो अफ्रीकी अमेरिकी जिन्होंने अमेरिका के नाम को मजबूत किया

राजनीति: बराक ओबामा
अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में पहले अश्वेत नागरिक। लगातार दो बार राष्ट्रपति रहे। अच्छे कार्यों के लिए इन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार मिला।

एक्टिविस्ट : मार्टिन लूथर
अमेरिकी इतिहास में महानतम सिविल राइट एक्टिविस्ट, में से एक। मंत्री भी रहे। अमेरिका में अश्वेतों को अधिकार दिलाने के लिए जाना जाता है।

संगीत: माइकल जैक्सन
इन्हें किंग ऑफ पॉप के नाम से जाना जाता है। इनके एल्बम थ्रिलर की 10 करोड़ से अधिक कॉपियां बिकीं। यह सर्वाधिक बिकने वाला एल्बम रहा।

स्त्रोत: यूएस डिपार्टमेंट ऑफ लेबर 2020, यूएस सेंसस ब्यूरो, स्टैटिस्टिका और फेडरल रिजर्व सर्वे ऑफ कंज्यूमर फाइनेंस 2016



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
यह फोटो ‘द सॉइलिंग ऑफ ओल्ड ग्लोरी’ शीर्षक से चर्चित है। फोटो जर्नलिस्ट स्टेनली फोरमैन ने 5 अप्रैल 1976, को बोस्टन में इसे तब खींचा जब श्वेत और अश्वेत बच्चों के लिए अलग बसें चलाने को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। 1977 में इस फोटो के लिए स्टेनली को स्पॉट फोटोग्रॉफी के लिए पुलित्जर पुरस्कार प्रदान किया गया था।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2MzMhyF
via IFTTT
Previous
Next Post »